Mossad CIA israel hamasMossad CIA israel hamas

इजरायल पर हुए सबसे बड़े हमले के बाद, इस खुफिया तंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। मोसाद और CIA जैसी खुफिया एजेंसियों को भी यह हमला समझने में मुश्किल हो रही है। आखिर मोसाद और CIA को इस हमले की जानकारी क्यों नहीं थी और यह हमला क्यों हुआ।

इजरायल पर हुए हमास के हमले के बाद मोसाद और CIA को इसकी पूर्वानुमान क्यों नहीं थी। यह हमला किस तरह की रणनीति का परिणाम था और इससे क्यों खुशी-खुशी गुजर गए हमास के आतंकी।

इजरायल के खुफिया एजेंसी मोसाद पर सवाल:

इजरायल के खुफिया एजेंसी मोसाद दुनिया भर में अपने अभियानों के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बड़े हमले की जानकारी को न जानना उनके लिए अच्छा नहीं रहा। क्योंकि इस हमले के पीछे एक अच्छी रणनीति और सॉलिड कोऑर्डिनेशन था, जिसकी वजह से मोसाद को खबर तक नहीं पहुंची।

अमेरिकी सीआईए पर भी सवाल:

इस हमले के बाद, पूर्व CIA ऑफिसर ने भी सवाल उठाए कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी को इस हमले की जानकारी क्यों नहीं थी। इजरायल और अमेरिका के बीच के सुरक्षा संबंधों के बावजूद, हमास के आतंकी हमलों की योजना बनाने के पीछे की रहस्यमय रणनीति ने सभी को चौंका दिया।

मोसाद और CIA की चुक:

सीआईए के पूर्व ऑफिसर, ने इस हमले को इसरायल के लिए 9/11 जैसा बताया। वह इसे इजरायल की सबसे बड़ी खुफिया नाकामी मानते हैं और इसे समझने के लिए कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।

एक और युद्ध का संकेत:

इस हमले ने दुनिया पर एक और युद्ध का संकेत दिया है। यूक्रेन और रूस के बीच के युद्ध के समय, इजरायल ने भी हमास के खिलाफ अभियान शुरु किया। इस परिस्थिति को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यूरोपियन यूनियन से बातचीत की है, जिससे इस संकेत को सुलझाया जा सके।

इजरायल की खुफिया तंत्र की नाकामी:

ग्लोबल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी पर काम करने वाले संगठन ने इसे इजरायली एजेंसियों की एक और नाकामी माना है। उनके अनुसार, इजरायल के पास विश्वस्तरीय खुफिया तंत्र और विश्लेषण की क्षमता होनी चाहिए थी जिससे इस हमले की योजना को पहले से ही पता चल सकता।

By Yash